गुरुग्राम : पश्चिमी एशिया (Middle East) की मौजूदा अस्थिर स्थिति और यात्रा के सुरक्षित विकल्पों की बढ़ती मांग को देखते हुए एअर इंडिया ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। एयरलाइन 10 से 18 मार्च 2026 के बीच यूरोप, संयुक्त राज्य अमेरिका और पड़ोसी देशों के लिए 78 अतिरिक्त उड़ानों का संचालन करेगी।
इस पहल के माध्यम से एअर इंडिया दोनों दिशाओं में कुल 17,660 अतिरिक्त सीटें उपलब्ध कराएगी, जिससे उन यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके पास वर्तमान में यात्रा के विकल्प सीमित हो गए हैं।
इन 9 प्रमुख रूट्स पर चलेंगी अतिरिक्त उड़ानें:
एअर इंडिया ने उन रूट्स पर ध्यान केंद्रित किया है जहाँ मांग सबसे अधिक है:
- दिल्ली – न्यूयॉर्क (JFK)
- दिल्ली – लंदन (हीथ्रो)
- मुंबई – लंदन (हीथ्रो)
- दिल्ली – फ्रैंकफर्ट
- दिल्ली – पेरिस (CDG)
- दिल्ली – एम्सटर्डम
- दिल्ली – ज़्युरिख
- दिल्ली – माले (मालदीव)
- दिल्ली – कोलंबो (श्रीलंका)
विमानों का विवरण और परिचालन:
- यूरोपीय रूट्स: इन पर अतिरिक्त उड़ानों का संचालन B787-8 (बोइंग ड्रीमलाइनर) विमानों से किया जाएगा।
- न्यूयॉर्क (JFK): इस रूट के लिए एअर इंडिया अपने विशाल B777-300 ER विमान का उपयोग करेगी (नियामक अनुमोदनों के अधीन)।
- मालदीव और श्रीलंका: माले और कोलंबो के लिए अतिरिक्त सेवाओं के लिए A320 नियो विमानों का उपयोग होगा।
निपुण अग्रवाल, चीफ कमर्शियल ऑफिसर, एअर इंडिया ने कहा, “मौजूदा चुनौतियों के बावजूद एअर इंडिया यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए अपनी सेवाएं जारी रखने और सुरक्षित वैकल्पिक रूट्स के जरिए कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें विश्वास है कि इन अतिरिक्त विकल्पों से यात्रियों को भरोसेमंद यात्रा का लाभ मिलेगा।”
