विकसित भारत के लिए ‘केयर इकोनॉमी’ पर जोर: बजट 2026 की घोषणाओं को अमली जामा पहनाने के लिए मंत्रालय ने आयोजित किया वेबिनार

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नई दिल्ली : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) के संयुक्त तत्वावधान में “सबका साथ सबका विकास – लोगों की उम्मीदों को पूरा करना” विषय पर एक महत्वपूर्ण पोस्ट-बजट वेबिनार आयोजित किया गया। इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणाओं, विशेष रूप से 1.5 लाख मल्टी-स्किल्ड केयरगिवर्स के प्रशिक्षण को एक प्रभावी कार्यान्वयन ढांचे में बदलना है।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ‘ह्यूमन कैपिटल’ और ‘केयर इकॉनमी’ को मजबूत करने के लिए स्केलेबल मॉडल्स के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट भविष्य के लिए तैयार वर्कफ़ोर्स बनाने का एक स्पष्ट रोडमैप है।


ब्रेकआउट सत्र: केयर इकोसिस्टम और ग्लोबल मोबिलिटी

कौशल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित विशेष सत्र में “भारत के केयर इकोसिस्टम को मजबूत करना” विषय पर चर्चा हुई। इस सत्र की मुख्य बातें निम्नलिखित रहीं:

  • 1.5 लाख केयरगिवर्स का प्रशिक्षण: सुश्री मनीषा सेनसरमा (सीनियर इकोनॉमिक एडवाइजर) ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बढ़ती उम्र की आबादी की घरेलू जरूरतों और वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को पूरा करना है।
  • सम्मानजनक रोजगार: कौशल विकास राज्य मंत्री श्री जयन्त चौधरी ने कहा कि यह पहल विशेषकर महिलाओं के लिए हेल्थकेयर और वेलनेस क्षेत्र में सम्मानजनक रोजगार के अवसर पैदा करेगी।
  • स्किल डिप्लोमेसी: जापान और इजरायल जैसे देशों के साथ साझेदारी के जरिए भारत ‘ग्लोबल स्किल कैपिटल’ बनने की दिशा में बढ़ रहा है। भाषा को एक स्किल मानकर अंतरराष्ट्रीय मोबिलिटी को सुगम बनाया जाएगा।

भविष्य के लिए एक्शन पॉइंट्स

सत्र में नीति-निर्माताओं और विशेषज्ञों ने कार्यान्वयन के लिए प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई:

  • मानकीकृत पाठ्यक्रम: केयरगिवर्स के लिए एक स्ट्रक्चर्ड करियर पाथवे और मल्टी-स्किलिंग मॉड्यूल विकसित करना।
  • डिजिटल एकीकरण: प्रशिक्षित केयर प्रोफेशनल्स का डेटा स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) पर उपलब्ध कराना।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: आईटीआई (ITI), हेल्थकेयर संस्थानों और स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर्स (SIIC) के नेटवर्क का लाभ उठाना।

मंत्रालय की सचिव श्रीमती देवश्री मुखर्जी ने जोर दिया कि इस इनफॉर्मल वर्कफ़ोर्स को एक औपचारिक और विश्वसनीय पेशेवर पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। वेबिनार में यूनिसेफ, एशियन डेवलपमेंट बैंक और अपोलो मेडस्किल्स जैसे वैश्विक और राष्ट्रीय हितधारकों ने भी हिस्सा लिया।

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