बेंगलुरु : ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक कौशल को सफल व्यवसायों में बदलने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (EDII), अहमदाबाद ने बेंगलुरु में अपने इको-एक्शन लर्निंग सेंटर (ELC) की शुरुआत की है। यह केंद्र ग्रामीण महिलाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक, मशीनों के इस्तेमाल की सुविधा और बाजार से जुड़ने के लिए निरंतर सहयोग प्रदान करता है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ और उपलब्धियाँ:
- प्रशिक्षण और नए उद्यम: बेंगलुरु और मंचर स्थित केंद्रों में अब तक 2,000 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिनमें से 600 से अधिक महिलाओं ने अपने खुद के नए उद्यम शुरू किए हैं या मौजूदा व्यवसायों का विस्तार किया है।
- व्यावहारिक पाठ्यक्रम: महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड-प्रेस्ड तकनीक से तेल निकालना, सोलर ड्रायर द्वारा खाद्य पदार्थों को सुखाना, बेकरी उत्पाद और मशरूम की खेती जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाता है।
- सफलता की कहानियाँ: बेंगलुरु की रूबा ट्रीसा ने ‘रोमा केयर’ (हैंडमेड सोप और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स) और पुणे की शुभांगी जयबीप लगड़ ने ‘शुभ स्वाद मसाले’ जैसे सफल उद्यम स्थापित किए हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- भविष्य की योजनाएँ: ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला और सीएसआर पार्टनरशिप विभाग के निदेशक डॉ. रमन गुजराल के अनुसार, संस्थान की योजना 2027-28 तक इस मॉडल का विस्तार चेन्नई तक करने और 2030 तक पूरे भारत में 5 ऐसे केंद्र स्थापित कर 10,000 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाने की है।
