चेन्नई : रेनो (Renault) ग्रुप ने भारत के लिए अपनी नई और महत्वाकांक्षी रणनीतिक योजना ‘FutuREady India’ की घोषणा की है। ग्रुप के सीईओ फ़्रांसुआ प्रोवो ने अपनी एक सप्ताह की भारत यात्रा के समापन पर इस विजन को पेश किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य भारत को रेनो के वैश्विक विकास का केंद्र बनाना और 2030 तक इसे ब्रांड के शीर्ष तीन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थान दिलाना है।
उत्पाद और तकनीक में बड़ा बदलाव: रेनो भारत में अपने अब तक के सबसे बड़े ‘प्रोडक्ट रिन्यूअल’ चक्र की शुरुआत कर रहा है। इसके तहत 2030 तक कंपनी के पोर्टफोलियो में सात मल्टी-एनर्जी मॉडल शामिल होंगे।
- प्रमुख लॉन्च: इसमें हाल ही में (जनवरी 2026 में) पेश की गई नई रेनो डस्टर और नई ‘ब्रिजर कॉन्सेप्ट’ (बी-सेगमेंट कॉम्पैक्ट एसयूवी) शामिल हैं।
- पावरट्रेन: कंपनी स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड से लेकर पूरी तरह इलेक्ट्रिक (EV) वाहनों तक की एक विस्तृत श्रृंखला पेश करेगी।
- प्लेटफॉर्म: ये वाहन दो नए प्लेटफॉर्म्स, RGEP और RGMP पर आधारित होंगे, जिन्हें सबसे पहले भारतीय बाजार में उतारा जाएगा।
- ग्राहक भरोसा: कंपनी ने अपनी ‘रेनो फॉरएवर’ पहल के तहत भारतीय ग्राहकों को 7 साल की वारंटी देने का ऐलान किया है।
भारत बनेगा ‘ग्लोबल एक्सपोर्ट हब’: रेनो ग्रुप चेन्नई स्थित अपने प्लांट और इंजीनियरिंग सेंटर को दुनिया के लिए ‘टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित कर रहा है।
- रोजगार और विशेषज्ञता: चेन्नई में ग्रुप के पास 6,000 इंजीनियरों और आईटी विशेषज्ञों की टीम है, जो अब वैश्विक प्लेटफॉर्म और वाहन आर्किटेक्चर विकसित करेगी।
- निर्यात लक्ष्य: ग्रुप का लक्ष्य 2030 तक वाहनों, आरएंडडी (R&D) और कलपुर्जों के माध्यम से 2 बिलियन यूरो का वार्षिक निर्यात हासिल करना है।
रेनो ग्रुप के सीईओ फ़्रांसुआ प्रोवो ने कहा कि भारत न केवल एक बढ़ता हुआ बाजार है, बल्कि यह ग्रुप की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने वाला एक रणनीतिक निर्यात केंद्र भी बनेगा। भारत में रेनो के सीईओ स्टीफ़ान डेब्लिस ने विश्वास जताया कि कंपनी का स्पष्ट रोडमैप और स्थानीय इंजीनियरिंग क्षमताएं रेनो को भारतीय बाजार के हर प्रमुख सेगमेंट में मजबूती से स्थापित करेंगी।
