रुनाया-एकार्ट जेवी (JV) ने झारसुगुड़ा में भारत के पहले ‘गैस-ऑटोमाइज्ड एल्युमीनियम पाउडर प्लांट’ के प्रथम चरण को किया पूरा

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  • अल्ताना एजी (Altana AG) और एकार्ट (ECKART) के वैश्विक नेतृत्व ने झारसुगुड़ा साइट का किया दौरा।
  • 2026 के अंत तक परिचालन शुरू होने की उम्मीद; एयरोस्पेस, सौर और विमानन जैसे क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता होगी कम।

मुंबई : सर्कुलर इकोनॉमी और महत्वपूर्ण धातु रिकवरी के लिए उन्नत तकनीकी समाधान प्रदान करने वाली वेदांता कंपनी, रुनाया मेटसोर्स (“रुनाया”) ने झारसुगुड़ा, ओडिशा में ‘ग्रीन स्फेरिकल गैस-ऑटोमाइज्ड एल्युमीनियम पाउडर’ के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। यह परियोजना एल्युमीनियम ग्रेन्यूल्स और पिगमेंट क्षेत्र की वैश्विक दिग्गज कंपनी, जर्मनी स्थित एकार्ट (Eckart) के साथ साझेदारी में विकसित की जा रही है।

इस अवसर पर अल्ताना एजी (Altana AG) के सीईओ मार्टिन बाबिलस और एकार्ट के सीईओ डॉ. क्रिश्चियन प्रिज़बिला ने रुनाया के प्रबंध निदेशक नैवेद्य अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ साइट का दौरा किया। अल्ताना एजी एक वैश्विक विशिष्ट रसायन समूह (Specialty Chemicals Group) है, जिसमें ‘एकार्ट’ प्रभाव वर्णक (Effect Pigments) और उन्नत सामग्री समाधानों में विशेषज्ञता रखने वाला एक महत्वपूर्ण विभाग है।

परियोजना का पहला चरण पूरा हो चुका है और वर्ष 2026 के अंत तक इसका परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। यह सुविधा उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमीनियम पाउडर का उत्पादन करेगी, जो आयात को कम करने के साथ-साथ भारत के उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों जैसे एयरोस्पेस, विमानन, सौर ऊर्जा, उत्प्रेरक (catalysts) और पिगमेंट उद्योगों को मज़बूत करेगी।

अल्ताना एजी के सीईओ मार्टिन बाबिलस ने कहा, “रुनाया के साथ हमारी साझेदारी तकनीक, स्थिरता और नवाचार का एक शक्तिशाली संगम है। रुनाया की स्थानीय विशेषज्ञता और जिम्मेदार विनिर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक आदर्श भागीदार बनाती है। यह सहयोग कार्बन-तटस्थ विनिर्माण (Carbon-neutral manufacturing) के प्रति हमारी वैश्विक प्रतिबद्धता को और मज़बूत करता है।”

रुनाया के प्रबंध निदेशक नैवेद्य अग्रवाल ने कहा, “यह मील का पत्थर भारत में एक उन्नत सामग्री सुविधा (Advanced Materials Facility) स्थापित करने की दिशा में हमारी टीम की निरंतर प्रगति को दर्शाता है। उच्च मूल्य वाले एल्युमीनियम पाउडर के घरेलू विनिर्माण को सक्षम करके, यह जेवी भारत को बुनियादी धातु आपूर्ति से आगे बढ़कर इंजीनियरिंग सामग्री विकसित करने की शक्ति प्रदान करेगा।”

यह संयुक्त उद्यम एकार्ट की वैश्विक तकनीक और रुनाया के नवाचार-संचालित विनिर्माण को जोड़कर भारत में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी ‘एडवांस्ड मटीरियल्स इकोसिस्टम’ बनाने का लक्ष्य रखता है।

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