गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप ने भारत के पहले फास्ट ब्रीडर रिएक्टर के लिए महत्वपूर्ण घटकों की आपूर्ति कर भारत की नागरिक परमाणु यात्रा में दिया योगदान

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  • यह मील का पत्थर भारत के त्रि-स्तरीय परमाणु कार्यक्रम को मज़बूत करता है और स्वदेशी इंजीनियरिंग के माध्यम से ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता है।

मुंबई : कल्पक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) के ‘क्रिटिकैलिटी’ (Criticality) प्राप्त करने के साथ ही भारत ने अपने नागरिक परमाणु कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह भारत के त्रि-स्तरीय परमाणु ऊर्जा रोडमैप के अगले चरण की प्रगति को दर्शाता है, जिसका केंद्र दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और कुशल ईंधन उपयोग है। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के प्रिसिजन इंजीनियरिंग (Precision Engineering) व्यवसाय ने इस उपलब्धि में लार्ज रोटेटिंग प्लग (LRP), स्मॉल रोटेटिंग प्लग (SRP) और सोडियम पंप शाफ्ट का निर्माण और आपूर्ति करके महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

ये घटक बड़े पैमाने पर विनिर्माण (Fabrication) और उच्च-परिशुद्धता इंजीनियरिंग (High-precision engineering) का अनूठा मेल हैं। रोटेटिंग प्लग का व्यास 8 मीटर तक है और इनका संयुक्त वजन लगभग 120 टन है। इन्हें 360 डिग्री घूमने और रिएक्टर कोर में ईंधन डालने के लिए सटीक संरेखण (alignment) सुनिश्चित करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। वहीं, 10 मीटर लंबा सोडियम पंप शाफ्ट तरल सोडियम वातावरण में 500 RPM से अधिक की गति पर संचालित होता है, जिसके लिए संतुलन और परिचालन विश्वसनीयता पर कड़ा नियंत्रण आवश्यक है। इन घटकों को बिना किसी पूर्व घरेलू संदर्भ के भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो इस तरह के पहले अनुप्रयोग के लिए ‘फर्स्ट-टाइम-राइट’ उपलब्धि है।

इन प्रणालियों के निर्माण में कई इंजीनियरिंग चुनौतियों का सामना किया गया, जिसमें विशेष बेयरिंग सिस्टम का विकास, घर्षण नियंत्रण के लिए सतह उपचार प्रक्रियाएं और भूकंपीय आवश्यकताओं (seismic requirements) सहित कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले गियर सिस्टम शामिल हैं। ये सभी समाधान स्वदेशी रूप से विकसित किए गए हैं, जो मज़बूत इन-हाउस इंजीनियरिंग क्षमताओं को दर्शाते हैं। ये घटक भारत सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले उद्यम भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) को आपूर्ति किए गए हैं।

PFBR का क्रिटिकैलिटी प्राप्त करना 22 वर्षों के प्रयास का परिणाम है और भारत के त्रि-स्तरीय परमाणु कार्यक्रम में एक प्रमुख कदम है। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर, PHWR से प्राप्त प्लूटोनियम का उपयोग करके और अधिक विखंडनीय सामग्री (fissile material) का उत्पादन करके एक ‘क्लोज्ड फ्यूल साइकिल’ को सक्षम बनाते हैं, साथ ही थोरियम के उपयोग का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। लगभग 846,000 टन थोरियम भंडार के साथ, यह चरण घरेलू, कम कार्बन वाली और आत्मनिर्भर ऊर्जा के विस्तार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप उन्नत इंजीनियरिंग के माध्यम से भारत की रणनीतिक और औद्योगिक क्षमताओं का समर्थन करना जारी रखे हुए है, जो राष्ट्रीय विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उच्च-परिशुद्धता समाधान प्रदान करता है।

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