पुलिस अदालत में फायरिंग का आरोप साबित नहीं कर सकी।
अदालत ने कहा आरोपी संदेह से परे सिद्ध नहीं हुए।
यह भी साबित नहीं हुआ कि गोली किसने चलाई थी।
मुख्य गवाह और फरियादी अपने पुलिस बयानों से मुकरे।
हथियार व कारतूस जब्ती की कार्रवाई पर अदालत ने सवाल उठाए।
अभियोजन प्रतिबंधित हथियार होने के कानूनी साक्ष्य पेश नहीं कर पाया।
मामला 6 मई 2025 को टीला जमालपुर थाना क्षेत्र के इंद्रानगर का था।
पुलिस ने फायरिंग और जानलेवा हमले का मामला दर्ज कर चालान पेश किया था।
फैसले के बाद पुलिस विवेचना और अभियोजन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए।
