भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शराब दुकानों के आसपास और विभिन्न इलाकों में अवैध तरीके से शराब परोसने और बेचने का कारोबार बेखौफ जारी है। आबकारी विभाग की सुस्ती और अनदेखी के चलते शहर के कई प्रमुख और व्यस्त इलाकों में देर रात तक शराब की अवैध बिक्री और खुलेआम पीने-पिलाने का दौर चल रहा है।
देर रात तक खुल रही कलारियां, नियमों की उड़ रही धज्जियां
शहर के इतवारा स्थित शराब दुकान और सुभाष नगर स्थित कलारी पर निर्धारित समय सीमा के बाद भी अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। देर रात तक दुकानों के शटर के पीछे से या आहाते की आड़ में शराब की सप्लाई बदस्तूर जारी रहती है। रात ढलते ही इन दुकानों के बाहर असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है, जिससे आसपास के रहवासियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल और सार्वजनिक स्थानों के पास खुले ‘चलते-फिरते अहाते’
इतना ही नहीं, शहर के सबसे व्यस्त और संवेदनशील इलाकों में शुमार मंगलवारा, जहांगीराबाद, हमीदिया रोड स्थित संगम कलारी और यहां तक कि हमीदिया अस्पताल के ठीक सामने भी यही स्थिति बनी हुई है। इन इलाकों में बाकायदा ‘चलते-फिरते अहाते’ तैयार कर लिए गए हैं, जहां लोगों को बैठाकर खुलेआम शराब परोसी जा रही है। अस्पताल के सामने इस तरह अवैध रूप से शराब परोसे जाने से मरीजों के परिजनों और आम जनता में खासा आक्रोश है।
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आबकारी विभाग को इन तमाम गतिविधियों की पूरी जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। समय-समय पर सिर्फ नाममात्र की खानापूर्ति करके फाइलें बंद कर दी जाती हैं, जिससे अवैध शराब माफिया और दुकान संचालकों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं।
यदि आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जल्द ही इन अवैध अहातों और देर रात तक खुलने वाली शराब दुकानों पर शिकंजा नहीं कसा, तो शहर की कानून-व्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
