‘मच्छर है, मेहमान नहीं’: गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने लॉन्च की अनोखी जनहित फिल्म; मच्छरों को ‘अनफ्रेंड’ करने की अपील

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मुंबई : भारत में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के बढ़ते खतरों को देखते हुए गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (GCPL) ने एक प्रभावशाली सीएसआर (CSR) अभियान ‘मच्छर है, मेहमान नहीं’ शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य मच्छरों के प्रति लोगों के लापरवाह नजरिए को बदलना और उन्हें ‘अवांछित घुसपैठिए’ के रूप में पहचान दिलाना है।

यह पहल जीसीपीएल के ‘एलिमिनेशन ऑफ मॉस्किटो बॉर्न एंडेमिक डिजीज’ (EMBED) कार्यक्रम का हिस्सा है, जो समुदायों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने पर केंद्रित है।


सांस्कृतिक सोच को नया मोड़: ‘ना पधारो म्हारे देश’

भारत की अतिथि सत्कार की परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ को इस अभियान ने एक रचनात्मक मोड़ दिया है। फिल्म में लोकप्रिय राजस्थानी वाक्य ‘पधारो म्हारे देश’ को ‘ना पधारो म्हारे देश’ में बदलकर यह कड़ा संदेश दिया गया है कि हर आने वाला मेहमान निमंत्रण का हकदार नहीं होता।

अभियान की पटकथा लेखक और क्रिएटिव स्टोरीटेलर स्वाति भट्टाचार्य ने इसे एक ‘एंटी-हॉस्पिटैलिटी कव्वाली’ के रूप में पेश किया है, जो लोगों को मच्छरों को ‘अनफ्रेंड’ करने के लिए प्रेरित करती है।


चुनौतीपूर्ण आंकड़े और जागरूकता की जरूरत

  • मामलों में वृद्धि: आंकड़ों के अनुसार, केवल साल 2025 में ही भारत में 1.13 लाख से अधिक डेंगू के मामले दर्ज किए गए।
  • अनजानी गलतियाँ: कूलर में जमा पानी, खुली बाल्टियाँ और घर के उपेक्षित कोने अनजाने में मच्छरों के लिए ‘स्वागत द्वार’ बन जाते हैं।
  • निवारक कार्रवाई: यह फिल्म परिवारों को याद दिलाती है कि मानसून के बाद भी मच्छरों के पनपने की जगहों को नष्ट करना कितना अनिवार्य है।

नेतृत्व का संदेश

सुधीर सितापति (MD और CEO, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड) ने कहा:

“मच्छरजनित बीमारियां आज भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चिंता हैं। ‘मच्छर है, मेहमान नहीं’ के जरिए हमने भारतीय घरों की मेहमाननवाजी वाली गहरी सांस्कृतिक सोच का उपयोग किया है ताकि लोग अपने व्यवहार में बदलाव लाएं और अपने घर व समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।”


अभियान का विस्तार (Sustained Outreach)

यह अभियान केवल एक वीडियो फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे कई स्तरों पर सक्रिय किया जाएगा:

  • डिजिटल आंदोलन: सोशल मीडिया पर ‘Unfriend the Mosquito’ अभियान।
  • सामुदायिक जुड़ाव: महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर वॉल आर्ट (भित्ति चित्र) और रेडियो पर कहानी सुनाना।
  • शिक्षा: स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम और जमीनी स्तर पर आउटरीच अभियान।

कैम्‍पेन वीडियो यहाँ देखें: https://www.youtube.com/watch?v=4LNO4OP9c_A

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