- साझेदारी के माध्यम से ‘CAPEX-लाइट’ और ‘OPEX-अलाइन्ड’ लीजिंग समाधान पेश; उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में आधुनिक इंट्रा-लॉजिस्टिक्स उपकरणों को मिलेगा बढ़ावा।
मुंबई : गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप और टाटा कैपिटल ने संरचित ‘फाइनेंस लीज’ (Finance Lease) समाधान पेश करने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की है। यह भारतीय फोर्कलिफ्ट और मटेरियल हैंडलिंग उपकरण बाजार में एक उभरता हुआ और विशिष्ट मॉडल है। यह सहयोग व्यवसायों को बिना किसी बड़े अग्रिम पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के अपने परिचालन को बढ़ाने में सक्षम बनाता है। इस साझेदारी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में ₹100 करोड़ के लीज एसेट्स को फाइनेंस करना है।
ई-कॉमर्स, फार्मास्यूटिकल्स, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक, लेड-एसिड और लिथियम-आयन फोर्कलिफ्ट की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, इनका अग्रिम खर्च (CAPEX) डीजल ट्रकों की तुलना में 50-60% अधिक होता है, जो अक्सर इन्हें अपनाने की गति को धीमा कर देता है। लीजिंग मॉडल इस बाधा को दूर करता है, जिससे उद्यम आधुनिक और ऊर्जा-कुशल उपकरणों को आसानी से अपना सकते हैं।
इस मॉडल के तहत, टाटा कैपिटल ग्राहकों को 3-5 साल की अवधि के लिए गोदरेज फोर्कलिफ्ट लीज पर देगा, जिसमें ‘बायबैक वैल्यू’ पहले से निर्धारित होगी। CAPEX से OPEX (परिचालन व्यय) की ओर यह बदलाव ग्राहकों को मासिक खर्च का अनुमान लगाने में मदद करता है और सीधे खरीद की तुलना में लगभग 6% लागत लाभ प्रदान करता है।
साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के इंट्रा-लॉजिस्टिक्स (मटेरियल हैंडलिंग) बिजनेस हेड, अनिल लिंगायत ने कहा, “जैसे-जैसे व्यवसाय इलेक्ट्रिक और लिथियम-आयन समाधानों की ओर बढ़ रहे हैं, अग्रिम CAPEX एक बड़ी बाधा बन जाता है। टाटा कैपिटल के साथ हमारा गठबंधन सुरक्षा-आधारित और भारतीय-इंजीनियर इंट्रा-लॉजिस्टिक्स उपकरणों को अनुमानित OPEX-आधारित लीज के माध्यम से पेश कर इस बाधा को दूर करता है।”
टाटा कैपिटल के एसएमई फाइनेंस (SME Finance) के सीओओ, नरेंद्र कामत ने कहा, “टाटा कैपिटल में हमारे उपकरण वित्तपोषण और लीजिंग समाधान व्यवसायों को लचीले और ग्राहक-केंद्रित मॉडल के माध्यम से सही संपत्ति तक पहुँचने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के साथ इस साझेदारी के माध्यम से, हमारा लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाले इंट्रा-लॉजिस्टिक्स उपकरणों तक पहुंच को व्यापक बनाना है।”
यह समाधान ‘नेशनल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी’ और ‘पीएम गति शक्ति’ जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है, जिनका उद्देश्य आपूर्ति श्रृंखला दक्षता को बढ़ाना और लॉजिस्टिक्स लागत को वैश्विक बेंचमार्क तक कम करना है।
