एलटीएसिटी (LTSCT) ने imec के ‘ऑटोमोटिव चिपलेट प्रोग्राम’ में प्रवेश किया; उच्च-प्रदर्शन और सुरक्षा-महत्वपूर्ण ऑटोमोटिव कंप्यूटिंग के लिए चिपलेट को अपनाने में तेजी लाएगी

Spread the love

मुंबई : लार्सन एंड टुब्रो (L&T) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (LTSCT) ने घोषणा की है कि वह imec के ‘ऑटोमोटिव चिपलेट प्रोग्राम’ (ACP) में शामिल हो रही है। यह एक प्री-कॉम्पिटिटिव (पूर्व-प्रतिस्पर्धी) शोध पहल है, जो वैश्विक ऑटोमोटिव वैल्यू चेन के हितधारकों को एक साथ लाती है।

ACP चिपलेट आर्किटेक्चर और उन्नत पैकेजिंग तकनीकों का मूल्यांकन करता है ताकि ऑटोमेकर्स की उच्च प्रदर्शन, फंक्शनल-सेफ्टी, विश्वसनीयता और जीवनचक्र की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके — साथ ही चिपलेट-आधारित सिस्टम से जुड़ी लचीलेपन, स्केलेबिलिटी और लागत दक्षता को सक्षम बनाया जा सके।

दशकों से, ऑटोमेकर्स वाहन इलेक्ट्रॉनिक्स को पावर देने के लिए सेमीकंडक्टर्स पर निर्भर रहे हैं। हालाँकि, पारंपरिक ‘मोनोलिथिक SoC’ दृष्टिकोणों को एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स (SDVs) और अगली पीढ़ी के इन-व्हीकल इंफोटेनमेंट (IVI) की कंप्यूट और बैंडविड्थ मांगों के कारण बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। चिपलेट्स — जो विशिष्ट कार्यों के लिए अनुकूलित और उन्नत 2.5D और 3D पैकेजिंग के माध्यम से जुड़े मॉड्यूलर सिलिकॉन बिल्डिंग ब्लॉक्स हैं — एक नया प्रतिमान (paradigm) प्रदान करते हैं, जो प्रति वाट उच्च प्रदर्शन, तेजी से बाजार में उपलब्धता (faster time-to-market) और आपूर्ति श्रृंखला में अधिक लचीलापन (supply-chain resilience) प्रदान करते हैं।

LTSCT के मुख्य कार्यकारी, संदीप कुमार ने कहा: “चिपलेट्स ऑटोमोटिव सिस्टम में प्रदर्शन और एकीकरण (integration) के तरीके में एक मौलिक बदलाव का प्रतिनिधित्व करते हैं। जैसे-जैसे वाहन आर्किटेक्चर अधिक सॉफ्टवेयर-डिफाइंड होते जा रहे हैं, मॉड्यूलर और स्केलेबल हार्डवेयर महत्वपूर्ण हो जाता है।”

उन्होंने आगे कहा: “imec और ACP भागीदारों के साथ सहयोग के माध्यम से, LTSCT उन मानकों और संदर्भ डिजाइनों को परिभाषित करने में मदद करना चाहता है जो अगली पीढ़ी के उच्च-प्रदर्शन, ऊर्जा-कुशल ऑटोमोटिव प्लेटफॉर्म को गति देंगे। हमारी भागीदारी सुरक्षा-महत्वपूर्ण कंप्यूट विभाजन, हाई-बैंडविड्थ डाई-टू-डाई लिंक्स और वेफर से लेकर इन-फील्ड ऑपरेशन तक मजबूत परीक्षण/निगरानी अवधारणाओं पर जोर देगी। हम उत्पादकरण (productisation) के व्यावहारिक दृष्टिकोण का योगदान देने का इरादा रखते हैं — जिसमें वास्तविक ऑटोमोटिव वातावरण में योग्यता (qualification), निदान और जीवनचक्र प्रबंधन शामिल है।”

imec में ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजीज के उपाध्यक्ष, श्री बार्ट प्लैकले (Bart Placklé) ने कहा, “हम भारत की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर उत्पाद कंपनी — LTSCT — का ‘ऑटोमोटिव चिपलेट प्रोग्राम’ में स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं। यदि OEMs अकेले चिपलेट आर्किटेक्चर में संक्रमण करते हैं, तो यह अत्यधिक महंगा साबित होता है। व्यावसायिक व्यवहार्यता इंटरऑपरेबल चिपलेट मानकों के इर्द-गिर्द उद्योग-व्यापी संरेखण पर निर्भर करती है, जो कार निर्माताओं को ऑफ-द-शेल्फ और प्रोप्राइटरी चिपलेट्स को अद्वितीय सिस्टम में निर्बाध रूप से एकीकृत करने की अनुमति देता है। चिपलेट वेंडर लॉक-इन को कम करता है, आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन बढ़ाता है और ऊर्जा व स्थानिक दक्षता में सुधार करता है — जो अधिक कॉम्पैक्ट और टिकाऊ वाहन प्लेटफॉर्म के मुख्य सक्षमकर्ता हैं।”

‘ऑटोमोटिव चिपलेट प्रोग्राम’ उन्नत 2.5D/3D पैकेजिंग में imec की विश्व-अग्रणी विशेषज्ञता और सेमीकंडक्टर व ऑटोमोटिव उद्योगों में इसके व्यापक इकोसिस्टम का लाभ उठाता है।

imec के ‘ऑटोमोटिव चिपलेट प्रोग्राम’ में अपनी प्रविष्टि के साथ, LTSCT वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में भारत की भूमिका को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है। ओपन चिपलेट मानकों में योगदान देकर और अग्रणी ऑटोमोटिव व तकनीकी नवप्रवर्तकों के साथ सहयोग करके, LTSCT का लक्ष्य दुनिया भर में सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक टिकाऊ वाहनों की दिशा में मार्ग को गति देना है।

admin1

admin1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *