झारखंड : ग्रामीण विकास और महिला-बाल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, वेदांता की प्रमुख समाज सेवा पहल ‘नंद घर’ ने झारखंड के कोडरमा जिले में अपनी उपस्थिति को दोगुना करने का निर्णय लिया है। कोडरमा में 150 अतिरिक्त नंद घरों के विकास के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस अवसर पर माननीय केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और कोडरमा के जिला कलेक्टर श्री रितुराज (IAS) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
सशक्तीकरण का नया ढांचा: कोडरमा और बोकारो में पकड़ मजबूत
वेदांता की यह पहल पारंपरिक आंगनवाड़ियों को ‘आधुनिक उत्कृष्टता केंद्रों’ में बदलती है। इस नए समझौते के साथ झारखंड में नंद घरों की स्थिति अब और भी सुदृढ़ हो गई है:
- विस्तार: बोकारो जिले में पहले से संचालित 150 केंद्रों के साथ, अब कोडरमा के 150 नए केंद्र मिलकर राज्य में कुल 300 नंद घर सुनिश्चित करेंगे।
- उद्देश्य: ग्रामीण समुदायों के स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के स्तर में सुधार करना।
नंद घर की मुख्य सेवाएं और सुविधाएं
ये केंद्र केवल भवन नहीं, बल्कि ग्रामीण रूपांतरण के ‘सस्टेनेबल मॉडल’ के रूप में कार्य करेंगे:
- बच्चों के लिए: पौष्टिक आहार, प्रारंभिक बचपन की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा (Early Childhood Education) और बेहतर हेल्थकेयर सेवाएं।
- महिलाओं के लिए: कौशल विकास और आजीविका के स्थायी अवसरों की उपलब्धता।
- तकनीक: आधुनिक तकनीकों और बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से मौजूदा आंगनवाड़ी सिस्टम को मजबूती प्रदान करना।
नेतृत्व का दृष्टिकोण
कोडरमा जिला कलेक्टर, श्री रितुराज (IAS) ने इस साझेदारी को जिले के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे सेवाओं की डिलीवरी सशक्त होगी और समुदाय का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
शशि अरोड़ा, सीईओ, नंद घर ने आभार व्यक्त करते हुए कहा:
“हमारे चेयरमैन के दृष्टिकोण के अनुरूप, हम पोषण, लर्निंग और स्वास्थ्य सुविधाओं को समुदायों के करीब ला रहे हैं। हम डब्ल्यूसीडी विभाग के साथ मिलकर अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर ग्रामीण समुदायों की नींव तैयार कर रहे हैं।”
