सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने ’13वें सीआईआई नेशनल अवार्ड फॉर एनवायरनमेंटल बेस्ट प्रैक्टिस 2026′ में जीता बेस्ट एनवायरनमेंटल प्रोजेक्ट्स अवॉर्ड

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  • सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को ‘प्रोडक्ट रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड लाइफ साइकिल असेसमेंट’ के तहत एल्युमीनियम फ्रेम, एनकैप्सुलेंट और राउंड-रिबन ऑप्टिमाइजेशन प्रोजेक्ट्स के लिए मिली पहचान
  • 8–9 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में आयोजित ’13वें सीआईआई नेशनल अवार्ड फॉर एनवायरनमेंटल बेस्ट प्रैक्टिस’ समारोह में प्रदान किया गया पुरस्कार

नई दिल्ली: भारत की अग्रणी एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Saatvik Green Energy Limited) ने 13वें सीआईआई नेशनल अवार्ड फॉर एनवायरनमेंटल बेस्ट प्रैक्टिस 2026 में ‘बेस्ट एनवायरनमेंटल प्रोजेक्ट्स अवॉर्ड’ (Best Environmental Projects Award) जीता है। यह पुरस्कार भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा 8–9 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

यह सम्मान ‘प्रोडक्ट रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड लाइफ साइकिल असेसमेंट’ (Product Responsibility and Life Cycle Assessment) के ढांचे के तहत सात्विक की इंजीनियरिंग-संचालित पहलों—एल्युमीनियम फ्रेम ऑप्टिमाइजेशन, एनकैप्सुलेंट डेवलपमेंट और राउंड-रिबन डिज़ाइन सुधार प्रोजेक्ट्स—को मान्यता देता है। ये पहल सात्विक के उस फोकस को दर्शाती हैं जिसके तहत ऐसे सोलर मॉड्यूल बनाए जाते हैं जो न केवल उच्च प्रदर्शन और विश्वसनीयता वाले हों, बल्कि अपने विनिर्माण और परिचालन जीवन चक्र में अधिक संसाधन-कुशल (resource-efficient) भी हों।

यह पुरस्कार सामग्री की तीव्रता (material intensity) को कम करने के साथ-साथ मॉड्यूल स्थायित्व (durability) और फ़ील्ड प्रदर्शन को बनाए रखने व सुधारने की दिशा में सात्विक की स्थिति को एक जिम्मेदार, इंजीनियरिंग-संचालित सौर निर्माता के रूप में मजबूत करता है। अंबाला संयंत्र की एनपीडी (NPD), प्रोडक्शन और क्वालिटी टीमों ने इन पहलों को अवधारणा से लेकर मान्य परिणामों (validated outcomes) तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर यह पहचान हासिल हुई।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, सात्विक ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के सीईओ श्री प्रशांत माथुर ने कहा: “CII से मिला यह सम्मान इस बात का एक मजबूत समर्थन है कि हम सात्विक में विनिर्माण कैसे करते हैं। स्वच्छ ऊर्जा में, नेतृत्व केवल आपके द्वारा जोड़े जाने वाले गीगावाट के बारे में नहीं है, बल्कि इस बारे में भी है कि आप उनका निर्माण कितनी जिम्मेदारी और सटीकता से करते हैं। हमने इंजीनियरिंग विकल्पों और संसाधन दक्षता से लेकर कम पर्यावरणीय पदचिह्न (environmental footprint) वाले उच्च प्रदर्शन वाले सोलर मॉड्यूल तक, स्थिरता (sustainability) को अपनी विनिर्माण दर्शन का केंद्र बनाया है। एल्युमीनियम फ्रेम ऑप्टिमाइजेशन, एनकैप्सुलेंट डिज़ाइन और राउंड-रिबन सुधार में आज मान्यता प्राप्त प्रोजेक्ट हमारी अंबाला प्लांट टीमों के केंद्रित इंजीनियरिंग कार्य का परिणाम हैं। उन्होंने मॉड्यूल स्थायित्व या फ़ील्ड प्रदर्शन से समझौता किए बिना सामग्री की तीव्रता को कम करने की चुनौती ली और ऐसे परिणाम दिए जिन्हें अब राष्ट्रीय पहचान मिली है। जैसे-जैसे भारत अपने ऊर्जा परिवर्तन को गति दे रहा है, घरेलू निर्माताओं पर न केवल अधिक, बल्कि बेहतर और अधिक जागरूक उत्पादन करने की जिम्मेदारी बढ़ेगी। हम उस मानदंड को और ऊंचा उठाते रहने का इरादा रखते हैं।”

यह पुरस्कार सात्विक ग्रीन एनर्जी के लिए सस्टेनेबिलिटी पुरस्कारों के बढ़ते पोर्टफोलियो में एक और उपलब्धि जोड़ता है। कंपनी को उत्कृष्ट सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन के लिए ईएसजी रिसर्च फाउंडेशन द्वारा 4था पृथ्वी अवॉर्ड 2026, ईएसजी प्रदर्शन के लिए इकोवाडिस (EcoVadis) द्वारा ब्रॉन्ज मेडल, और गोल्डन पीकॉक ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अंबाला विनिर्माण केंद्र को CII-IGBC ग्रीन फैक्ट्री बिल्डिंग सिल्वर रेटिंग भी प्राप्त हुई है। सामूहिक रूप से, ये मान्यताएं एक ऐसे विनिर्माण उद्यम के निर्माण के प्रति सात्विक के दृष्टिकोण को दर्शाती हैं जो प्रतिस्पर्धी, संसाधन-जागरूक और जवाबदेह है।

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