मुंबई : भारत की प्रमुख एकीकृत बिजली कंपनी टाटा पावर (Tata Power) ने देश के तेजी से बढ़ते एआई, क्लाउड और डेटा सेंटर इकोसिस्टम को ऊर्जा देने के लिए 2.8 गीगावाट से अधिक क्षमता की परियोजनाओं की योजना आगे बढ़ाई है। कंपनी 18 प्रमुख घरेलू व अंतरराष्ट्रीय डेटा सेंटर ऑपरेटरों के साथ 29 एक्टिव वर्कस्ट्रीम पर काम कर रही है, जिसमें पावर डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन ग्रिड कनेक्टिविटी और नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति शामिल है।
टाटा पावर एआई-रेडी हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित न रहकर एकीकृत बुनियादी ढांचा समाधान—जैसे बिजली युक्त भूमि, ग्रिड कनेक्टिविटी, एनर्जी स्टोरेज और कूलिंग सिस्टम—प्रदान कर रही है। विशेष रूप से मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में डेटा सेंटर्स के लिए निर्बाध बिजली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कंपनी ₹15,000 करोड़ के ‘मुंबई ग्रिड अपग्रेडेशन एंड एक्सपेंशन प्लान’ के तहत 400 किलोवोल्ट का ट्रांसमिशन रिंग नेटवर्क और नए रिसीविंग स्टेशन तैयार कर रही है।
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के विस्तार के कारण वित्त वर्ष 2032 तक डेटा सेंटर्स की बिजली मांग में 26.3 गीगावाट तक की वृद्धि होने का अनुमान है। पावर सेक्टर की पूरी वैल्यू चेन (उत्पादन, पारेषण और वितरण) में अपनी मजबूत उपस्थिति के बल पर टाटा पावर भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मुख्य भूमिका निभा रही है।
