- सरकार और एलआईसी अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
- खरीदने वाली कंपनी है फेयरफैक्स फाइनेंशियल (कनाडा)।
- डील ₹52,878 करोड़ में हुई है।
- कैबिनेट ने 14 अक्टूबर को इसको मंजूरी दी थी। काम 2022 से चल रहा था।
- इसके बाद सरकार की हिस्सेदारी 45.5% से घट कर 15% और एलआईसी की 49.2% से घट कर 19% रह जाएगी।
- कर्मचारियों में गुस्सा, हड़ताल का ऐलान
- इस निजीकरण के विरोध में आईडीबीआई के कर्मचारियों ने 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
- यूएफबीयू (बैंक यूनियन का संगठन) ने भी इसका समर्थन किया है।
- कहना है कि मुनाफे में चल रहे बैंक को विदेशी को बेचना आत्मनिर्भर भारत के खिलाफ है।
- सरकार ने कर्मचारियों को दिया भरोसा
- दीपम के सचिव अरुणीश चावला ने कहा – “नौकरी और पेंशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
- शेयर खरीद समझौते में लिखा है कि खरीदने वाली कंपनी पुराने कर्मचारियों की सेवा शर्तों को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।
- पेंशन के लिए अलग से समर्पित फंड रखा गया है।
अगर आपका खाता आईडीबीआई में है तो 2-3 नवंबर को काम प्रभावित हो सकता है, इसलिए जरूरी काम पहले निपटा लेना।
