भारत का क्रेडिट मार्केट इंडिकेटर (CMI) 102 पर पहुंचा: गोल्ड लोन और युवा कर्जदारों के दम पर रिटेल क्रेडिट में जोरदार उछाल

Spread the love

मुंबई : भारत का क्रेडिट मार्केट इकोसिस्टम मजबूती और परिपक्वता के नए चरणों में प्रवेश कर रहा है। ट्रांसयूनियन सिबिल की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 की तिमाही में क्रेडिट मार्केट इंडिकेटर (CMI) बढ़कर 102 हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 97 था। यह लगातार तीसरी तिमाही है जब CMI में सुधार दर्ज किया गया है, जो देश में ऋण की बढ़ती मांग और बेहतर आपूर्ति का संकेत है।


सोने की चमक ने बढ़ाई ऋण की शक्ति

दिसंबर 2025 की तिमाही में क्रेडिट सप्लाई (आपूर्ति) में आई तेजी का सबसे बड़ा कारण गोल्ड लोन रहा। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में उछाल ने उपभोक्ताओं को बड़े अमाउंट के लोन लेने के लिए प्रेरित किया है।

  • टिकट साइज में वृद्धि: मार्च 2023 की तुलना में गोल्ड लोन का औसत टिकट साइज 1.8 गुना बढ़कर लगभग ₹1.9 लाख हो गया है।
  • बाजार हिस्सेदारी: रिटेल लोन कैटेगरी में गोल्ड लोन अब वॉल्यूम के हिसाब से 36% और वैल्यू के हिसाब से 39% की हिस्सेदारी रखते हैं।
  • क्षेत्रीय विस्तार: अब गोल्ड लोन केवल दक्षिण भारत तक सीमित नहीं है; उत्तर प्रदेश (96%), मध्य प्रदेश (80%) और राजस्थान (79%) जैसे राज्यों में इसमें रिकॉर्ड सालाना वृद्धि देखी गई है।

ग्रामीण भारत और युवाओं का बढ़ता दबदबा

भारत के ऋण बाजार में एक बड़ा भौगोलिक और जनसांख्यिकीय बदलाव (Demographic Shift) देखा जा रहा है। अब छोटे शहर और युवा पीढ़ी क्रेडिट ग्रोथ के मुख्य चालक बन गए हैं:

  • नॉन-मेट्रो की हिस्सेदारी: कुल रिटेल कर्जदारों में अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी बढ़कर 54% हो गई है।
  • पहली बार लोन लेने वाले (FTB): कुल कर्जदारों में पहली बार लोन लेने वालों की संख्या 15% तक पहुंच गई है। इनमें 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं की हिस्सेदारी 58% है।
  • खपत आधारित ऋण: कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन में 22% और पर्सनल लोन में 20% की शानदार सालाना बढ़त दर्ज की गई है।

ऑटो लोन और क्रेडिट परफॉर्मेंस

त्योहारी सीजन के बाद भी ऑटो लोन की मांग स्थिर बनी हुई है। ₹5-10 लाख के मिड-सेगमेंट कारों की उपलब्धता के कारण ऑटो लोन की दैनिक आपूर्ति में 10% का सुधार देखा गया है।

क्रेडिट परफॉर्मेंस के मोर्चे पर भी सकारात्मक संकेत हैं:

  • परफॉर्मेंस CMI: 6 अंकों की बढ़त के साथ यह 107 पर पहुंच गया है।
  • डिलिंक्वेंसी: मुख्य लोन श्रेणियों में 90+ दिनों से बकाया (DPD) मामलों में सुधार हुआ है, हालांकि प्रॉपर्टी के खिलाफ माइक्रो लोन (LAP) सेगमेंट में थोड़ा दबाव (3.1% डिलिंक्वेंसी) देखा गया है।

विशेषज्ञ की राय

ट्रांसयूनियन सिबिल के एमडी और सीईओ, श्री भावेश जैन ने कहा:

“भारत का रिटेल क्रेडिट बाजार अब अधिक समावेशी और संतुलित हो रहा है। पहली बार लोन लेने वाले युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि औपचारिक क्रेडिट का दायरा बढ़ रहा है। लेंडर्स अब भरोसेमंद ग्राहकों (प्राइम और उससे ऊपर) पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं, जो लंबी अवधि में एक स्थिर और टिकाऊ विकास सुनिश्चित करेगा।”


इस रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष:

सूचकांक (Indicator)दिसंबर 2024दिसंबर 2025स्थिति
कुल CMI स्कोर97102मजबूत
डिमांड (मांग) इंडेक्स9296बढ़त
सप्लाई (आपूर्ति) इंडेक्स9198तेज बढ़त
परफॉर्मेंस इंडेक्स101107बेहतर
admin1

admin1

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *