जन विश्वास अभियान के आवेदनों पर 17 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं

पटेल वार्ड की मूलभूत समस्याएं लंबित, कांग्रेस पार्षद ने उठाए सवाल देवरीकला-: मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के 26 सितंबर के…

मां महाकाली की भव्य शोभायात्रा से गूंजा देवरी, कृषि उपज मंडी में विधि-विधान से विराजमान हुईं प्रतिमा

देवरीकलां-: नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर नगर में भक्ति, आस्था और उत्साह का माहौल छाया हुआ है। मां महाकाली…

सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने विशेष अभियान 6.0 के तहत रिकॉर्ड प्रबंधन पर व्याख्यान आयोजित किया

भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग (DoSJE) ने मंत्रालय के संवाद सम्मेलन कक्ष में रिकॉर्ड प्रबंधन (अभिलेखों के रखरखाव) पर एक व्याख्यान का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्वच्छता को स्थायी बनाने और लंबित कार्यों को कम करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 6.0 का हिस्सा था। इस कार्यक्रम में इंस्टीट्यूट ऑफ सेक्रेटेरिएट ट्रेनिंग एंड मैनेजमेंट (ISTM) के पूर्व शिक्षक श्री पी. के. जायसवाल ने व्याख्यान दिया। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस सत्र का उद्देश्य विभाग के अधिकारियों को रिकॉर्ड के सही तरीके से रखरखाव के महत्व के बारे में जागरूक करना था। इसमें सरकारी रिकॉर्ड को सही ढंग से रखने और सुरक्षित रखने, फाइलों की समय पर समीक्षा करने तथा रिकॉर्ड को तय नियमों के अनुसार सुरक्षित रखने और अनुपयोगी होने पर हटाने की प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया गया। सत्र के दौरान प्रतिभागियों को सार्वजनिक अभिलेख अधिनियम, रिकॉर्ड रखने की निर्धारित समय-सीमा, रिकॉर्ड की विभिन्न श्रेणियों और उन्हें सुरक्षित रखने तथा हटाने से जुड़े विभागीय निर्देशों की जानकारी दी गई। व्याख्यान में रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से रखने और तय नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि सरकारी दस्तावेजों का सही प्रबंधन हो सके। अधिकारी ने आगे बताया कि सत्र में यह भी समझाया गया कि रिकॉर्ड का सही प्रबंधन करने से कार्यालय में जगह का बेहतर उपयोग होता है, जरूरी जानकारी और दस्तावेज आसानी से मिल जाते हैं तथा प्रशासनिक कामकाज अधिक कुशल बनता है। उन्होंने कहा कि कागजी और डिजिटल रिकॉर्ड का सही प्रबंधन सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के साथ-साथ समय पर निर्णय लेने में भी मदद करता है। यह व्याख्यान विशेष अभियान 6.0 के तहत विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न पहलों का हिस्सा है। इन पहलों का उद्देश्य कार्यालयों में स्वच्छता बनाए रखना, रिकॉर्ड रूम को व्यवस्थित करना, लंबित कार्यों को कम करना और कार्यालय प्रबंधन की अच्छी कार्यप्रणाली को स्थायी बनाना है। इन पहलों के माध्यम से सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग एक स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर…

राज्य स्तरीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक का आयोजन

मेरा युवा भारत, मध्यप्रदेश द्वारा राज्य स्तरीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला एवं विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों…

सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी: क्या हर नागरिक पत्रकार बन सकता है? स्वतंत्र पत्रकारों के अधिकारों पर बहस

नई दिल्ली – स्वतंत्र पत्रकारों और सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वालों के अधिकारों से जुड़े मामले की सुनवाई के…

डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के आदेश पर विश्व खाद्य दिवस पर दाऊदी बोहरा समाज की अनूठी पहल, जरूरतमंदों को बांटा भोजन और अनाज

बुरहानपुर में विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर डॉ. सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन साहब के निर्देशानुसार दाऊदी बोहरा समाज द्वारा बुरहानपुर…

‘पुलिस वाली’ को ‘पुलिस वाला’ बनना है… मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मिल गई लिंग परिवर्तन की अनुमति!

मध्यप्रदेश पुलिस के सामने एक अनोखा मामला सामने आया… प्रदेश की एक महिला आरक्षक को ‘पुलिस वाली’ से ‘पुलिस वाला’…

अपनी संस्कृति पर करें गर्व, यही गर्वोक्ति समाज को ले जाएगी विकास की नई ऊंचाईयों तक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी भारतीय संस्कृति की दो परम्पराएं अनूठी हैं, एक कन्या पूजन, दूसरा…