2 प्रकरणों में बेटों ने दी फैसलों को चुनौती —– और 2 प्रकरणों में वरिष्ठ नागरिकों ने दी फैसलों को चुनौती)
(चारों मामलों में, वरिष्ठ नागरिको को जाना होगा 500 कि.मी. दूर जबलपुर हाइकोर्ट , चारों वरि. नागरिकों के वे ही अधिवक्ता श्री मनोज कुमार अग्रवाल)
बुरहानपुर दि. 18.09.2026 : – “वरिष्ठ नागरिक अधिनियम” के अंतर्गत अधिकरण (एस. डी. ओ.) के समक्ष, अपनी चल/अचल संपत्ति वापस पाने के लिए बुरहानपुर जिले में सर्वप्रथम लगने वाले सभी 4 प्रकरणों की पीड़िता /आवेदिका (वरिष्ठ नागरिक – 60 वर्ष से अधिक उम्र) विधवा /बिन-ब्याही महिलाऐं है, जिन्हें न्याय (अपनी चल अचल संपत्ति) वापस पाने के लिए अब बुरहानपुर से 500 कि. मी. दूर जबलपुर हाइकोर्ट में जाना होगा । उल्लेखनीय है कि, अपीलेट ट्रिब्यूनल (कलेक्टर) बुरहानपुर के द्वारा उक्त 4 प्रकरणों में से 2 प्रकरणों में फैसला वरिष्ठ नागरिक/ विधवा महिलाओं के पक्ष में दिया है तथा 2 प्रकरणों में फैसला वरिष्ठ नागरिकों /विधवा/बिन-ब्याही महिलाओं के विरुद्ध दिया है । इस पृष्ठभूमि में बुरहानपुर के उक्त चारों ही प्रकरण अब मा. हाईकोर्ट जबलपुर में पहुंच गए हैं । इन चारों केसो में समानता यह है कि, इन चारों प्रकरणों में वरिष्ठ नागरिको/ विधवा /बिन-ब्याही महिलाओं की ओर से बुरहानपुर के मूल-निवासी अधिवक्तागण श्री मनोज कुमार अग्रवाल /श्री गिरीश कुमार अग्रवाल, मा. हाइकोर्ट में पैरवी कर रहे हैं । इन उक्त 4 मामलों में से 3 मामलों में 3 – 3 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अचल संपत्ति शामिल है, तथा चौथे मामले में 39 लाख रूपए से अधिक मूल्य की चल संपत्ति शामिल है ।
