मुंबई : भारत के अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा (BoB) ने अपनी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय स्थिति को और मजबूत करते हुए गिफ्ट सिटी (GIFT City) स्थित आईएफ़एससी बैंकिंग इकाई के माध्यम से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पांच वर्षीय सिंडिकेटेड ऋण (Syndicated Loan) सफलतापूर्वक प्राप्त किया है।
वैश्विक बाजार में ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, बैंक के इस लेनदेन में एशिया के प्रमुख बाजारों—ताइवान, दक्षिण कोरिया, जापान और सिंगापुर—के 13 बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया। यह सफलता वैश्विक निवेशकों के बीच बैंक ऑफ़ बड़ौदा की साख और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति उनके विश्वास को दर्शाती है।
फंडिंग स्रोतों में विविधता और रणनीतिक वापसी
यह लेनदेन बैंक की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वह घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों से भी अपने फंडिंग स्रोतों में विविधता ला रहा है। एक वर्ष के अंतराल के बाद वैश्विक सिंडिकेटेड ऋण बाजार में बैंक की यह वापसी काफी प्रभावशाली रही है।
- उपयोग: इस ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग बैंक के सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
- प्रमुख भागीदार: एमयूएफजी बैंक (MUFG Bank) और एचएसबीसी (HSBC) ने इस प्रक्रिया में मैंडेटेड लीड अरेंजर्स, अंडरराइटर और बुकरनर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बेहतर क्रेडिट रेटिंग और मजबूत अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति
बैंक ऑफ़ बड़ौदा की वित्तीय स्थिरता को प्रमुख वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने भी सराहा है:
- S&P Global Ratings: ‘BBB’ दीर्घकालिक रेटिंग (स्थिर दृष्टिकोण)।
- Fitch Ratings: ‘BBB-’ रेटिंग; हाल ही में व्यवहार्यता रेटिंग को बढ़ाकर ‘bb’ किया गया।
- Moody’s: ‘Baa3’ रेटिंग (स्थिर दृष्टिकोण)।
डॉ. देबदत्त चांद (MD एवं CEO, बैंक ऑफ़ बड़ौदा) ने कहा, “यह सफल लेनदेन बैंक के विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन और हमारी दीर्घकालिक नीतियों के प्रति वैश्विक संस्थानों के भरोसे को पुख्ता करता है। इससे ‘भारत के अंतर्राष्ट्रीय बैंक’ के रूप में हमारी स्थिति और सुदृढ़ होगी।”
प्रमुख आंकड़े (31 दिसंबर 2025 तक):
- कुल अंतरराष्ट्रीय व्यवसाय: 4,879.08 अरब रुपये (कुल व्यवसाय का 16.08%)।
- अंतरराष्ट्रीय जमा: 2,395.60 बिलियन रुपये।
- अंतरराष्ट्रीय अग्रिम: 2,483.48 बिलियन रुपये।
बैंक ऑफ़ बड़ौदा की उपस्थिति न्यूयॉर्क, लंदन, दुबई और सिंगापुर जैसे प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्रों में है, जो इसे भारतीय बैंकिंग जगत का एक वैश्विक चेहरा बनाती है।
