नई दिल्ली : भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) ने आज कुशल भारतीय श्रमिकों के विदेशी रोजगार और वैश्विक गतिशीलता (mobility) को समर्थन देने वाले संस्थागत तंत्र को मजबूत करने के लिए गति (GATI) फाउंडेशन (एसएफआई इम्पैक्ट फाउंडेशन के तहत एक परियोजना) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
इस MoU का उद्देश्य दोनों संगठनों के बीच सहयोग के लिए एक रणनीतिक ढांचा तैयार करना है, ताकि भारत को कुशल प्रतिभा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके और भारतीय युवाओं को संरचित व स्थायी तरीके से अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर प्राप्त करने में सक्षम बनाया जा सके।
इस समझौते के तहत, MSDE और गति फाउंडेशन विदेशी कौशल और गतिशीलता के लिए एक व्यापक और डेटा-संचालित रोडमैप विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे। यह सहयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उच्च-मांग वाली नौकरियों, प्राथमिकता वाले गंतव्य देशों और कुशल भारतीय श्रमिकों के लिए क्षेत्रीय अवसरों की पहचान करने पर ध्यान केंद्रित करेगा।
इस अवसर पर बोलते हुए, श्रीमती देबाश्री मुखर्जी, सचिव, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा: “भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश तभी वैश्विक आर्थिक शक्ति में बदल सकता है जब हमारा कार्यबल अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाले कौशल से लैस हो। गति फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी वैश्विक कौशल गतिशीलता के लिए एक संरचित पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं को सही कौशल, भाषा क्षमता और सांस्कृतिक तैयारी के साथ तैयार करके, हम भारतीय प्रतिभाओं को वैश्विक कार्यबल में आत्मविश्वास के साथ भागीदारी करने में सक्षम बना रहे हैं।”
श्री अर्नब भट्टाचार्य, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, गति फाउंडेशन ने कहा, “यह MoU वैश्विक कौशल गतिशीलता के लिए एक अधिक एकीकृत राष्ट्रीय दृष्टिकोण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। MSDE के साथ मिलकर हमारा उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। साथ मिलकर, हमें 2047 तक भारत को दुनिया की वैश्विक कौशल राजधानी बनाने की यात्रा को गति देने की उम्मीद है।”
साझेदारी के मुख्य बिंदु:
- परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU): गति फाउंडेशन कौशल भवन, नई दिल्ली में एक PMU स्थापित करेगा, जो वैश्विक कौशल गतिशीलता से संबंधित पहल तैयार करने में मंत्रालय को तकनीकी और रणनीतिक सहायता प्रदान करेगा।
- स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (SIICs): यह सहयोग ‘स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर्स’ के विकास और संचालन में सहायता करेगा।
- संस्थागत सुदृढ़ीकरण: आईटीआई (ITIs) और पॉलिटेक्निक जैसे प्रशिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी को मजबूत किया जाएगा।
- अंतर-मंत्रालयी समन्वय: MSDE विदेश मंत्रालय और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय जैसे प्रमुख हितधारकों के साथ समन्वय करेगा।
- प्रशिक्षण: मंत्रालय विदेशी भाषाओं में प्रशिक्षण, सांस्कृतिक अनुकूलन (cultural orientation) और अंतरराष्ट्रीय नियुक्तियों के लिए आवश्यक दस्तावेज़ीकरण प्रक्रियाओं का समर्थन करेगा।
यह समझौता प्रारंभिक तौर पर तीन वर्षों की अवधि के लिए लागू रहेगा। यह साझेदारी भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है, जहाँ कुशल मानव पूंजी आर्थिक विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को चलाने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।
