राजधानी भोपाल के नगर निगम में जालसाजी और राजस्व में हेरफेर का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है। जोन-2 के जोनल अधिकारी की यूजर आईडी से छेड़छाड़ कर ईदगाह हिल्स स्थित सेंट जोसफ स्कूल के संपत्ति कर खाते में भारी गड़बड़ी की गई। जांच के बाद सामने आया कि स्कूल की मूल कर मांग ₹7.71 लाख को घटाकर महज ₹1.09 लाख कर दिया गया, जिससे नगर निगम को सीधे तौर पर ₹6.62 लाख का चूना लगा है।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का खेल
मामला तब सामने आया जब जोनल अधिकारी मोहित मालवीय के नेतृत्व में अप्रैल माह के दौरान संपत्ति कर की वसूली का काम चल रहा था। स्कूल के बकाया कर की रसीद निकालने पर कुल राशि अप्रत्याशित रूप से काफी कम दिखी।
ऑनलाइन रिकॉर्ड की गहन जांच करने पर पता चला कि 31 मार्च को स्कूल के खाते में केवल ₹1,09,423 जमा कराए गए थे। जबकि पुराने रिकॉर्ड और छायाप्रति के अनुसार स्कूल पर:
संपत्ति कर: ₹4,49,870
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं अधिभार: ₹2,71,311
व्यावसायिक लाइसेंस शुल्क एवं अधिभार: ₹50,000
अर्थात कुल ₹7,71,181 का बकायदार दर्ज था।
क्षेत्रफल घटाकर टैक्स शून्य किया, फिर दोबारा बढ़ाया
जांच में केवल टैक्स की राशि ही नहीं, बल्कि संपत्ति का क्षेत्रफल भी बदले जाने की पुष्टि हुई है। 31 मार्च को जोनल अधिकारी की आईडी का इस्तेमाल कर स्कूल का दर्ज क्षेत्रफल 34,872.3 वर्ग फीट से घटाकर सीधे 5,856 वर्ग फीट कर दिया गया। इसी दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और व्यावसायिक शुल्क को शून्य दर्शा दिया गया।
हैरान करने वाली बात यह भी रही कि फर्जीवाड़ा छिपाने के उद्देश्य से 24 जून को स्कूल का क्षेत्रफल सिस्टम में फिर से बढ़ा दिया गया l
आईटी ऑडिट में संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा
आईटी एजेंसी ‘डिलोयट’ की तकनीकी जांच रिपोर्ट के अनुसार, 31 मार्च को दोपहर 3:21:02 बजे नगर निगम मुख्यालय के ‘सपोर्ट-1’ यूजर द्वारा जोन-2 के जोनल अधिकारी की आईडी का पासवर्ड बदला गया था। इसके अलावा 14 मार्च को कंप्यूटर शाखा के एप्लीकेशन से भी उक्त संपत्ति का खाता एक्सेस किया गया था, जिसे बेहद संदिग्ध माना जा रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए कंप्यूटर शाखा द्वारा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों—श्रीराजभान त्रिपाठी, अभय चतुर्वेदी, कुलदीप जैन, मोहित मालवीय, जितेंद्र गौर और एसएपी कंसल्टेंट दुर्गा साहू के लिखित बयान दर्ज किए गए हैं।
फिलहाल कोहेफिजा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कूटरचना (फर्जीवाड़ा) और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस डिजिटल लॉग्स, आईपी एड्रेस और ऑनलाइन दस्तावेजों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि पासवर्ड किसने बदला और किसके कहने पर इस वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।
