केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने ‘नंद घर’ का किया उद्घाटन; जमीनी स्तर पर देशव्यापी बदलाव का आह्वान

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  • हैदराबाद जिले में 36 केंद्रों के साथ इस पहल की औपचारिक शुरुआत।
  • वेदांता की यह प्रमुख सामाजिक पहल पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से आंगनवाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र को बदल रही है।

हैदराबाद : एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, भारत सरकार के कोयला एवं खान केंद्रीय मंत्री माननीय जी. किशन रेड्डी ने हैदराबाद, तेलंगाना में ‘नंद घरों’ का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, हैदराबाद जिले में 36 केंद्रों के साथ इस पहल की औपचारिक शुरुआत हो गई है। वेदांता की प्रमुख सामाजिक प्रभाव पहल ‘नंद घर’ आधुनिक और तकनीक-सक्षम केंद्र बनाकर भारत के आंगनवाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र का कायाकल्प कर रही है, जहाँ पोषण, प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा (ECCE), प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और महिला सशक्तिकरण जैसी एकीकृत सेवाएं प्रदान की जाती हैं।

इस विस्तार के साथ, ‘नंद घर’ ने दक्षिण भारत में अपनी उपस्थिति को और गहरा किया है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बाद अब तेलंगाना में भी अपनी पैठ बनाकर यह पहल पूरे क्षेत्र में समग्र सामुदायिक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत कर रही है।

उद्घाटन के बाद केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किया: “सनतनगर के भगवंतपुरम में आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और प्रारंभिक बचपन की देखभाल, पोषण और मातृ स्वास्थ्य सहित इसकी सेवाओं की समीक्षा की। बच्चों और कर्मचारियों के साथ बातचीत की और स्टेशनरी किट वितरित किए। समग्र बाल विकास के लिए जमीनी स्तर की सहायता प्रणालियों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।”

इन नंद घरों के माध्यम से, जिले के लगभग 3,000 बच्चों और महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के अवसरों का लाभ मिलेगा। अपनी यात्रा के दौरान, माननीय मंत्री ने बच्चों, माताओं और सेविकाओं के साथ आत्मीय संवाद किया और इस पहल के जमीनी प्रभाव को स्वयं देखा। उन्होंने बच्चों को स्कूल बैग, बोतलें और पौष्टिक मिलेट बार (millet bars) वितरित किए, जो पूरक पोषण के माध्यम से बच्चों के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने की नंद घर की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित नंद घर के सीईओ, शशि अरोड़ा ने कहा, “माननीय मंत्री द्वारा नंद घरों का उद्घाटन करना और इसके प्रभाव को स्वयं देखना हमारे लिए सम्मान की बात है। हमारे चेयरमैन के विजन के अनुरूप, हमारा प्रयास एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जहाँ हर बच्चे को जीवन की सही शुरुआत मिले और हर महिला सशक्त हो। निरंतर सहयोग और भागीदारी के साथ, हमारा लक्ष्य इस मॉडल को और व्यापक बनाना है।”

वर्तमान में देश भर में 12,700 से अधिक नंद घर संचालित हैं। यह मील का पत्थर सरकारी सहयोग और सामुदायिक भागीदारी की शक्ति को दर्शाता है। भविष्य में, यह पहल भारत भर के 14 लाख आंगनवाड़ियों को प्रभावित करने और 8 करोड़ बच्चों एवं 2 करोड़ महिलाओं के जीवन को बदलने के अपने दृष्टिकोण पर मजबूती से टिकी हुई है।

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