मुंबई : भारत के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने देश के वित्तीय परितंत्र को साइबर खतरों से सुरक्षित करने और डिजिटल लचीलेपन को बढ़ाने के लिए ‘साइरिस’ (CYRES) नामक साइबर सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence for Cyber Security) का उद्घाटन किया है। इस केंद्र का उद्घाटन वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया और एसबीआई के अध्यक्ष चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी की उपस्थिति में किया गया।
‘साइरिस’ का मुख्य उद्देश्य उभरते साइबर खतरों का समय से पहले अनुमान लगाना, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना और सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना है। यह केंद्र तीन मुख्य स्तंभों पर कार्य करेगा:
- सोचें (Think): नीतिगत ढांचे को मजबूत करना, साइबर अकादमी के माध्यम से कुशल प्रतिभाएं तैयार करना और नागरिक-केंद्रित जागरूकता बढ़ाना।
- नवोन्मेष करें (Innovate): नई प्रौद्योगिकियों, अनुसंधान और वैश्विक मानकों के आधार पर समाधान विकसित करना।
- सुरक्षा करें (Defend): थ्रेट इंटेलिजेंस, डिजिटल फोरेंसिक, मैलवेयर विश्लेषण, एथिकल हैकिंग, एआई सुरक्षा और क्वांटम-सेफ टेक्नोलॉजी के जरिए नेटवर्क की सुरक्षा।
उद्घाटन के अवसर पर एसबीआई के अध्यक्ष सी.एस. सेट्टी ने कहा कि ग्राहकों के भरोसे और डिजिटल बैंकिंग तंत्र की मजबूती के लिए साइबर सुरक्षा सर्वोपरि है, और ‘साइरिस’ बैंक की क्षमताओं का विस्तार करेगा। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने इसे भारत के तेजी से डिजिटल होते वित्तीय परिदृश्य के लिए एक समयोचित और रणनीतिक कदम बताया। बैंक ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान उसके लगभग 1.81 लाख कर्मचारियों ने अनिवार्य साइबर सुरक्षा ई-लर्निंग प्रशिक्षण पूरा किया है।
