मुंबई : भारत की प्रमुख एनबीएफसी (NBFC) में से एक, एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड (AFL) ने अपनी ऋण वसूली (Collection) प्रक्रिया में पारदर्शिता और नैतिकता लाने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी कलेक्शन कॉल्स की निगरानी के लिए पूरी तरह से एआई-आधारित (AI-powered) क्वालिटी मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क लागू करने की घोषणा की है।
इस पहल के साथ एक्सिस फाइनेंस अब उन चुनिंदा वित्तीय संस्थानों में शामिल हो गया है जो तकनीक के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ग्राहकों के साथ होने वाली हर बातचीत सम्मानजनक, निष्पक्ष और जिम्मेदार हो।
मैनुअल चेकिंग से ‘व्यापक एआई मॉनिटरिंग’ तक का सफर
अब तक कलेक्शन कॉल्स की रैंडम सैंपलिंग (कुछ कॉल्स की जांच) की जाती थी, लेकिन इस नए एआई फ्रेमवर्क के तहत हर आउटबाउंड कॉल का विश्लेषण किया जाएगा।
- सम्मानजनक संवाद: एआई यह सुनिश्चित करेगा कि बातचीत के दौरान एजेंट का व्यवहार उचित और पेशेवर हो।
- त्वरित कार्रवाई: जिन कॉल्स में अपेक्षित आचरण से अलग व्यवहार पाया जाएगा, उन्हें तुरंत चिन्हित (Flagged) कर सुधारात्मक प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।
- अनुपालन (Compliance): यह फ्रेमवर्क भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों और आंतरिक गवर्नेंस मानकों के अनुरूप ‘जिम्मेदार कलेक्शन प्रथाओं’ को मजबूत करता है।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
एक्सिस फाइनेंस की इस पहल का सीधा लाभ ऋण लेने वाले ग्राहकों को मिलेगा:
- स्पष्टता और भरोसा: पुनर्भुगतान (Repayment) से जुड़ी चर्चाओं में असुविधा कम होगी और स्पष्टता बढ़ेगी।
- बार-बार संपर्क से राहत: एआई डेटा के विश्लेषण से टीमों को सही फॉलो-अप की जानकारी मिलेगी, जिससे बेवजह बार-बार आने वाली कॉल्स में कमी आएगी।
- समस्याओं का समाधान: मॉनिटरिंग से प्राप्त फीडबैक का उपयोग ग्राहकों की बार-बार आने वाली शिकायतों को दूर करने के लिए किया जाएगा।
नेतृत्व का दृष्टिकोण
इस नई तकनीक पर बोलते हुए एक्सिस फाइनेंस लिमिटेड के एमडी एवं सीईओ, साई गिरिधर ने कहा:
“तकनीक हमारी प्रक्रियाओं में गवर्नेंस को गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह एआई फ्रेमवर्क हमारी उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जहाँ हम हर ग्राहक संवाद में निष्पक्षता, स्पष्टता और सम्मान सुनिश्चित करना चाहते हैं। यह एक सुरक्षित और भरोसेमंद ग्राहक अनुभव की दिशा में हमारा मजबूत कदम है।”
