मुंबई : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गोदरेज इंडस्ट्रीज ग्रुप की वित्तीय शाखा, गोदरेज कैपिटल ने एक प्रेरणादायक अभियान ‘दो से तीन’ लॉन्च किया है। यह अभियान न केवल महिला उद्यमियों की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, बल्कि उनके सपनों को हकीकत में बदलने में परिवार के समर्थन और वित्तीय स्वतंत्रता की भूमिका को भी रेखांकित करता है।
इस अभियान के केंद्र में एक मर्मस्पर्शी फिल्म है, जो एक सुखद गलतफहमी के जरिए महिला सशक्तिकरण का संदेश देती है। फिल्म में एक महिला उद्यमी अपने व्यवसाय का विस्तार दो स्टोर से बढ़ाकर तीन करने की योजना बना रही है, जिसे उसकी सास गर्भावस्था की खबर समझ लेती हैं। यह फिल्म खूबसूरती से दिखाती है कि कैसे परिवार का सहयोग और सही वित्तीय विकल्प एक महिला को अपने दम पर बड़े निर्णय लेने और व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सक्षम बनाते हैं।
‘आरोही लोन्स फॉर विमेन’ की बड़ी उपलब्धि
गोदरेज कैपिटल ने इस अभियान के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मील का पत्थर भी साझा किया है:
- ₹1,000 करोड़ का AUM: कंपनी की ‘आरोही’ पहल ने महिला उधारकर्ताओं को दिए गए ऋणों के माध्यम से ₹1,000 करोड़ के प्रबंधित परिसंपत्ति (AUM) का आंकड़ा पार कर लिया है।
- वितरण: अब तक इस मंच के माध्यम से कुल ₹1,890 करोड़ के ऋण वितरित किए जा चुके हैं।
- भविष्य का लक्ष्य: इस वित्तीय वर्ष के अंत तक कंपनी का लक्ष्य इस पोर्टफोलियो को ₹1,200 करोड़ तक पहुँचाने का है।
मनीष शाह, एमडी और सीईओ, गोदरेज कैपिटल ने कहा, “आज की महिलाएं अपने व्यवसायों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का साहस दिखा रही हैं। ‘आरोही’ के माध्यम से हमारा उद्देश्य उन बाधाओं को खत्म करना है जो महिलाओं को औपचारिक ऋण प्राप्त करने से रोकती हैं। हम पुरुष सह-आवेदक की अनिवार्यता जैसी शर्तों को हटाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर वित्तीय निर्णय लेने का अधिकार दे रहे हैं।”
क्षमता निर्माण और ऑल-विमेन शाखा
केवल ऋण प्रदान करने तक सीमित न रहकर, गोदरेज कैपिटल महिला उद्यमियों के लिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रहा है। इसमें वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम और प्रशिक्षण शामिल हैं। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कंपनी ने हाल ही में पुणे में अपनी पहली ‘ऑल-विमेन’ शाखा की शुरुआत की है, जो महिला बिजनेस नेटवर्क के साथ जुड़ाव को और मजबूत करेगी।
फिल्म यहाँ देखें: दो से तीन – गोदरेज कैपिटल आरोही लोन्स
