मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (IIT Mandi) ने अपने सेंटर फॉर कंटिन्यूइंग एजुकेशन (CCE) के माध्यम से एक अनूठे समर रेजिडेंशियल प्रोग्राम ‘हिमशिखर 2026’ की घोषणा की है। 2 महीने का यह मल्टी-ट्रैक प्रोग्राम छात्रों और युवा पेशेवरों को उद्योग की आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसका रेजिडेंशियल (आवासीय) स्वरूप है, जहाँ प्रतिभागी आईआईटी मंडी के खूबसूरत परिसर में रहकर सीधे फैकल्टी और उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे।
प्रोग्राम की संरचना: 190 घंटों का गहन प्रशिक्षण
हिमशिखर 2026 को अकादमिक और व्यावहारिक ज्ञान के संतुलन के साथ तैयार किया गया है:
- 100 घंटे: अनुभवी फैकल्टी द्वारा संचालित सत्र।
- 50 घंटे: पीएचडी स्कॉलर्स के साथ ट्यूटोरियल और डाउट-क्लियरिंग।
- 40 घंटे: उद्योग विशेषज्ञों (Industry Experts) द्वारा व्यावहारिक ज्ञान।
पाँच विशेषीकृत ट्रैक (Tracks):
प्रतिभागी अपनी रुचि के अनुसार निम्नलिखित में से किसी एक क्षेत्र का चयन कर सकते हैं:
- एआई के साथ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट: बुद्धिमान एप्लिकेशन बनाने का हुनर।
- AI एवं मशीन लर्निंग: डेटा विश्लेषण और समस्या समाधान।
- एजेंटिक एआई सिस्टम्स (Agentic AI): स्वायत्त (Autonomous) निर्णय लेने वाले सिस्टम।
- डेटा साइंस: प्रेडिक्टिव मॉडलिंग और डेटा विज़ुअलाइज़ेशन।
- एंटरप्रेन्योरशिप एवं वेंचर बिल्डिंग: स्टार्टअप आइडिया से लेकर बिजनेस मॉडल बनाने तक का सफर।
प्रवेश प्रक्रिया और पात्रता:
- योग्यता: न्यूनतम 12वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण।
- प्रक्रिया: इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- चयन: उम्मीदवारों को तर्कशक्ति और विश्लेषणात्मक क्षमता पर आधारित एक प्रवेश परीक्षा देनी होगी।
- सीटें: प्रत्येक ट्रैक में 250 सीटें (कुल 1250 सीटें) उपलब्ध हैं।
प्रो. तुषार जैन (प्रमुख, CCE, आईआईटी मंडी) ने कहा, “हिमशिखर 2026 केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि समस्या-समाधान और वास्तविक टूल्स के साथ काम करने का अनुभव है। हमारा लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है।”
महत्वपूर्ण तिथियां:
- रिपोर्टिंग: 16 मई 2026
- कक्षाएं प्रारंभ: 18 मई 2026
- आधिकारिक वेबसाइट: cce.iitmandi.ac.in/himshikhar-2026/
