इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आज “रिलीफ वर्क कार्यशाला” की शुरुआत की गई। इस विशेष कार्यशाला का उद्घाटन संग्रहालय के माननीय निदेशक द्वारा किया गया। आगामी 4 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को मिट्टी से रिलीफ वर्क (उभारदार मूर्तिशिल्प) तैयार करने के साथ-साथ मोल्ड कास्टिंग (सांचा बनाने और ढालने) की अनूठी तकनीक सिखाई जा रही है।
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कार्यशाला के पहले ही दिन संग्रहालय के अनुभवी मूर्तिकार श्री संजय सप्रे एवं श्री शिवम कुमार ने प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने मूर्तिकला में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी की गुणवत्ता, उसकी पहचान और उसे कलाकृति बनाने के लिए तैयार करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही, उन्होंने रिलीफ वर्क बनाने के लिए आवश्यक टूल्स और सामग्री की जानकारी भी दी और उनके उपयोग की विधि समझाई।
रिलीफ वर्क मूर्तिकला की वह विधा है, जिसमें समतल सतह से आकृतियों को ऊपर की ओर उभारकर बनाया जाता है। इस कला की खूबसूरती को प्रदर्शित करने के लिए कार्यशाला में कुछ उत्कृष्ट कृतियां भी रखी गई हैं, जिनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति का बारीक दाढ़ी-बालों वाला भावपूर्ण पोर्ट्रेट और कमल के फूलों व पत्तियों की जीवंत कलाकृतियां शामिल हैं। इस कार्यशाला में हिस्सा ले रहे भोपाल के तमाम प्रतिभागी मिट्टी के शुरुआती मॉडल से लेकर उसका सांचा बनाने और फिर उससे अंतिम मूर्ति ढालने (कास्टिंग) तक का पूरा सफर व्यावहारिक तौर पर सीखेंगे।
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यह कार्यशाला प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संग्रहालय के शामला हिल्स स्थित चरैवेती परिसर (मॉडलिंग अनुभाग) में आयोजित की जा रही है। कला में रुचि रखने वाले कोई भी व्यक्ति ₹2000/- का शुल्क देकर इसमें भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 9098880329 या 9897938929 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
