कौशल विकास में नए युग की शुरुआत: केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने ‘स्किल्स आउटकम्स फंड’ के लिए अभियान शुरू किया; युवाओं के लिए खुलेंगे आकांक्षी आजीविका के द्वार

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नई दिल्ली : भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने आज देश के स्किलिंग इकोसिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव लाते हुए ‘स्किल्स आउटकम्स फंड’ (Skills Outcomes Fund) बनाने के अभियान का शुभारंभ किया। यह अपनी तरह की पहली पहल है, जो मुख्य रूप से कम आय वाले परिवारों के युवाओं को स्थायी और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित है। इस फंड का मूल सिद्धांत ‘आउटकम्स-बेस्ड फाइनेंसिंग’ (OBF) है, जहाँ निवेश को सीधे तौर पर प्रमाणित रोजगार परिणामों (Verified Employment Outcomes) से जोड़ा जाता है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) द्वारा संचालित यह प्रस्तावित फंड सार्वजनिक और निजी पूंजी को एक साथ लाकर भारत को इस क्षेत्र में ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करेगा। ब्रिटिश एशियन ट्रस्ट द्वारा आयोजित फंडर राउंडटेबल की अध्यक्षता करते हुए श्री जयन्त चौधरी ने कहा:

“भारत की स्किलिंग यात्रा अब एक ऐसे चरण में है जहाँ परिणामों को केंद्र में रखा गया है। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कौशल केवल प्रमाण पत्र तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं के लिए सम्मानजनक कार्य और लगातार रोजगार में परिवर्तित हो। हम एक ऐसा मॉडल तैयार कर रहे हैं जो बड़े पैमाने पर रोजगार के नए रास्ते खोलेगा।”

सफलता की नींव: स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड यह नई पहल 2021 में लॉन्च किए गए ‘स्किल इम्पैक्ट बॉन्ड’ की शानदार सफलता पर आधारित है। ₹130 करोड़ के इस प्रयोग ने राष्ट्रीय मानकों से कहीं बेहतर परिणाम दिए हैं। इसके तहत 21 राज्यों के 34,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया, जिनमें 74% महिलाएं शामिल हैं। स्वतंत्र सत्यापन के अनुसार, 92% प्रशिक्षु प्रमाणित हुए और 76% ने सफलतापूर्वक नौकरी प्राप्त की, जिसमें से 62% ने अपनी नौकरी को लंबे समय तक बरकरार रखा।

भविष्य के क्षेत्रों पर ध्यान और क्रॉस-सेक्टर भागीदारी स्किल्स आउटकम्स फंड का मॉडल मुख्य रूप से एम्प्लॉयर-लेड और डिमांड-ड्रिवन होगा। यह आईटी-आईटीईएस, हेल्थकेयर, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन जॉब्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। इस अभियान को गेल (GAIL), जेपी मॉर्गन, गेट्स फाउंडेशन, जेएसडब्ल्यू फाउंडेशन और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे दिग्गज कॉर्पोरेट और परोपकारी संगठनों का समर्थन प्राप्त है।

कौशल विकास मंत्रालय की वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार सुश्री मनीषा सेनसर्मा और एनएसडीसी के सीईओ श्री अरुणकुमार पिल्लई ने इस बात पर जोर दिया कि यह फंड केवल एक वित्तीय प्रणाली नहीं है, बल्कि सार्वजनिक और निजी निवेश को जवाबदेह बनाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड को वास्तविक आर्थिक सशक्तिकरण में बदलने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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