नई दिल्ली : भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयन्त चौधरी ने आज 135वीं अंबेडकर जयंती के पावन अवसर पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस विशेष अवसर पर वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ संसद परिसर स्थित ‘प्रेणा स्थल’ पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाबा साहेब के योगदान को याद किया।
संसद भवन के सेंट्रल हॉल में कार्यक्रम प्रधानमंत्री के साथ पुष्पांजलि अर्पित करने के उपरांत, श्री जयन्त चौधरी संसद भवन के सेंट्रल हॉल पहुँचे। यहाँ उन्होंने माननीय लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला की उपस्थिति में बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने बाबा साहेब द्वारा स्थापित संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के उनके विजन पर चर्चा की।
कौशल और सशक्तिकरण के माध्यम से समावेशी विकास बाबा साहेब के विचारों को आज के युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए श्री जयन्त चौधरी ने कहा:
“बाबा साहेब का जीवन सामाजिक न्याय और समानता की सबसे बड़ी प्रेरणा है। हमारी सरकार उनके आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए कौशल सशक्तिकरण (Skill Empowerment) के माध्यम से एक ऐसे समावेशी भारत का निर्माण कर रही है, जहाँ हर युवा को आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।”
निजी आवास पर भी किया नमन संसद में आयोजित कार्यक्रमों के बाद, श्री जयन्त चौधरी ने अपने आवास पर भी डॉ. अंबेडकर को नमन किया। इस दौरान उनके साथ सांसद राजकुमार सांगवान और चंदन चौहान भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
