आदर्श परीक्षा केंद्र ने संचालन का एक वर्ष पूरा होने पर लॉन्च की अपनी पहली एआई ब्रांड फिल्म, ‘हर परीक्षा के पीछे एक सपना है’

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इनोवेटिव्यू समर्थित एपीके पांच नए शहरों में विस्तार करेगा; 2028 के अंत तक 1.5 लाख परीक्षा सीटों का लक्ष्य

नई दिल्ली: आदर्श परीक्षा केंद्र (एपीके), इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेड द्वारा समर्थित भारत का सबसे तकनीकी रूप से उन्नत और मानकीकृत परीक्षा केंद्र नेटवर्क, ने पूर्ण पैमाने पर संचालन का एक वर्ष पूरा कर लिया है। इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी एकीकृत परीक्षा सुरक्षा एवं निगरानी समाधान प्रदाता कंपनी है। इस उपलब्धि के अवसर पर एपीके ने अपनी पहली एआई ब्रांड फिल्म, ‘हर परीक्षा के पीछे एक सपना है’ लॉन्च की है। यह फिल्म भारत के अभ्यर्थियों की भावनात्मक यात्रा को सामने लाती है और एपीके के उस वादे को दोहराती है कि किसी उम्मीदवार की योग्यता पर उस परीक्षा-परिवेश का असर नहीं पड़ना चाहिए, जिसमें उसका मूल्यांकन किया जा रहा है।

भारत में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) की अवसंरचना मात्रा और गुणवत्ता – दोनों स्तरों पर अपर्याप्त है। मौजूदा सीबीटी सीटों की संख्या नीट जैसी बड़े पैमाने की राष्ट्रीय परीक्षा की आवश्यकता को पूरा नहीं कर सकती। इसके साथ ही, वर्तमान परीक्षा केंद्र बिखरे हुए हैं, स्वतंत्र स्वामित्व में संचालित होते हैं, राज्य के नियंत्रण में नहीं हैं और मानकों तथा सुरक्षा के स्तर पर एकरूप नहीं हैं। इससे जवाबदेही सीमित होती है और परीक्षाओं के सुरक्षित संचालन पर असर पड़ सकता है।

“एपीके की परिकल्पना इसी अंतर को दूर करने के लिए की गई थी – राज्य-स्तरीय आवश्यकताओं के अनुरूप, तकनीकी रूप से श्रेष्ठ और छेड़छाड़-रोधी परीक्षा अवसंरचना का ऐसा मॉडल, जो आत्मनिर्भर भारत की भावना में और डिजिटल इंडिया के भविष्य के लिए तैयार किया गया है,” आशीष मित्तल, निदेशक, इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेडने कहा।

लॉन्च के बाद से एपीके ने दिल्ली एनसीआर, बिहार और बिलासपुर में 14 केंद्र स्थापित किए हैं, जिनकी कुल क्षमता 25,000+ सीटों की है। इन केंद्रों पर एसएससी, आरआरबी, आईबीपीएस, बीएसएससी और बीपीएससी जैसी संस्थाओं की बड़े पैमाने की और अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। प्रत्येक केंद्र तीन प्रमुख डिजाइन स्तंभों पर विकसित किया गया है – अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली अवसंरचना, अंतरराष्ट्रीय मानकों की सुरक्षा और पूर्णतः नियंत्रित परीक्षण वातावरण। इन मानकों को पियर्सन, वीयूई, प्रोमेट्रिक और ईटीएस जैसे वैश्विक बेंचमार्क से संदर्भित करते हुए भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढाला गया है। नियंत्रित प्रवेश और निकास, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, सीसीटीवी कवरेज, सुरक्षित नेटवर्क एवं सर्वर, अतिरिक्त पावर और कनेक्टिविटी बैकअप तथा कमांड एंड कंट्रोल रूम जैसी व्यवस्थाएं यहां अस्थायी जोड़ नहीं, बल्कि स्थायी विशेषताएं हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टियर-2 या टियर 3 शहर में परीक्षा देने वाले उम्मीदवार को भी वही परीक्षा अनुभव मिले, जो किसी महानगर के उम्मीदवार को मिलता है।

इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए आशीष मित्तल, निदेशक, इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेडने कहा, “सिर्फ एक वर्ष में हमने यह साबित किया है कि भारत में विश्वस्तरीय, छेड़छाड़-रोधी परीक्षा अवसंरचना को बड़े पैमाने पर विकसित किया जा सकता है। आगे विस्तार के साथ हमारी प्रतिबद्धता है कि हर संभागीय मुख्यालय से 100 किमी के दायरे में उद्देश्य-निर्मित, सरकार-नियंत्रित और मानकीकृत परीक्षा अवसंरचना विकसित की जाए। हमारा मिशन योग्यता की रक्षा करना और हर अभ्यर्थी को अपने सपने तक पहुंचने का निष्पक्ष और सम्मानजनक अवसर देना है।”

इसी क्रम में विशाल मित्तल, निदेशक, इनोवेटिव्यू इंडिया लिमिटेडने कहा, “हर परीक्षा के पीछे एक ऐसा उम्मीदवार होता है, जिसने वर्षों तैयारी में लगाए हैं, और एक ऐसा परिवार, जिसने उसके साथ अनेक त्याग किए हैं। वे ऐसे परीक्षा-परिवेश के हकदार हैं, जिस पर वे पूरी तरह भरोसा कर सकें। जैसे-जैसे हम नए शहरों में विस्तार करेंगे, यही भरोसा हमारी हर पहल के केंद्र में बना रहेगा।”

अगले चरण में एपीके प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, भोपाल और रायपुर में विस्तार करेगा। इससे लाखों नए उम्मीदवारों तक मानकीकृत और सुरक्षित परीक्षा अनुभव पहुंचेगा तथा 2028 के अंत तक नेटवर्क को 1.5 लाख सीटों तक बढ़ाने का लक्ष्य है।

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